2026 में कार खरीदना अब सिर्फ शौक नहीं, बल्कि एक बड़ा फाइनेंशियल फैसला बन चुका है। पेट्रोल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं और दूसरी तरफ इलेक्ट्रिक कारें तेजी से मार्केट में अपनी जगह बना रही हैं। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है – आखिर Electric Car vs Petrol Car 2026 में पैसे बचाने वाली कौन है? क्या इलेक्ट्रिक कार सच में सस्ती पड़ती है या पेट्रोल कार अभी भी बेहतर विकल्प है? अगर आप भी नई कार लेने का सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके हजारों रुपये बचा सकता है।
Electric Car vs Petrol Car 2026: पूरी तुलना
आज के समय में भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। कंपनियां जैसे Tata Motors, Hyundai और MG Motor लगातार नए EV मॉडल लॉन्च कर रही हैं। वहीं पेट्रोल कारों का मार्केट अभी भी मजबूत है लेकिन असली सवाल है – 2026 में आपकी जेब के लिए कौन बेहतर है?
Electric Car vs Petrol Car 2026 गाड़ी की कीमत
अगर हम शुरुआत की कीमत देखें तो पेट्रोल कारें अभी भी सस्ती पड़ती हैं।
- पेट्रोल कार: 5–8 लाख से शुरू होती है।
- और वहीं इलेक्ट्रिक कार: 8–12 लाख से शुरू होती है।
इलेक्ट्रिक कार की कीमत ज्यादा लगती है क्योंकि उसमें बैटरी सबसे महंगी होती है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
Also read- Maruti Suzuki Brezza Facelift जानिए क्या है खास और कितनी होगी कीमत
Electric Car vs Petrol Car 2026 फ्यूल vs चार्जिंग खर्च
पेट्रोल कार खर्च: अगर पेट्रोल 100 रुपये लीटर है और आपकी कार 15 kmpl देती है, तो 1 किलोमीटर का खर्च लगभग 6–7 रुपये पड़ता है।
इलेक्ट्रिक कार खर्च: अगर 1 यूनिट बिजली 8 रुपये है और आपकी EV 6–7 km प्रति यूनिट देती है, तो 1 किलोमीटर का खर्च लगभग 1–1.5 रुपये पड़ता है।
मतलब रोज 30–40 km चलाने वाले व्यक्ति के लिए साल भर में 40–60 हजार रुपये तक की बचत संभव है।
Electric Car vs Petrol Car 2026 मेंटेनेंस खर्च
पेट्रोल कार में इंजन ऑयल, क्लच, गियर बॉक्स जैसी चीजें होती हैं जिनका नियमित खर्च आता है और इलेक्ट्रिक कार में इंजन नहीं होता, इसलिए मेंटेनेंस कम होता है।
- पेट्रोल कार सर्विस: 6,000–10,000 सालाना
- इलेक्ट्रिक कार सर्विस: 2,000–4,000 सालाना
EV यहाँ भी सस्ती साबित होती है।
Electric Car vs Petrol Car 2026 बैटरी लाइफ और रिप्लेसमेंट
सबसे बड़ा डर लोगों को बैटरी को लेकर होता है अधिकतर कंपनियां 8 साल या 1.5 लाख किलोमीटर तक बैटरी वारंटी देती हैं। और अगर 8–10 साल बाद बैटरी बदलनी पड़े तो खर्च 1.5–3 लाख तक हो सकता है। लेकिन अगर आप रोज बहुत ज्यादा ड्राइव नहीं करते, तो बैटरी कई साल आराम से चल जाती है।
Also read- Nissan Gravite 2026 भारत में कब होगी लॉन्च? फीचर्स और कीमत का हुआ खुलासा
Electric Car vs Petrol Car 2026 साल का सीधा हिसाब
मान लीजिए आप हर साल 12,000 km गाड़ी चलाते हैं।
पेट्रोल कार 5 साल में: फ्यूल खर्च लगभग 4–5 लाख तक का आ जाता और इसकी सर्विस 40–50 हजार रूपए तक नार्मल खर्च है जिसका कुल खर्च लगभग 5 लाख+ आ जाता है।
इलेक्ट्रिक कार 5 साल में: चार्जिंग खर्च लगभग 1–1.5 लाख तक का आ जाता और इसकी सर्विस 20 हजार तक नार्मल मानी जा रही है जिसका कुल खर्च लगभग 1.5–2 लाख आ जाता है। यहाँ EV साफ तौर पर पैसे बचाती दिखती है।
आखिरी और खास बात
Electric Car vs Petrol Car 2026 की इस पूरी तुलना से साफ है कि लंबी अवधि में इलेक्ट्रिक कार ज्यादा पैसे बचाती है। शुरुआत में कीमत ज्यादा जरूर लगती है, लेकिन 4–5 साल बाद असली फायदा दिखने लगता है। अगर आप भविष्य को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहते हैं, तो EV एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है, इसलिए अपनी ड्राइविंग आदत और बजट के हिसाब से ही फैसला लें।
| Go To Home Page | Click Here |